परिचय
होमी जहाँगीर भाभा को भारतीय परमाणु विज्ञान का पिता माना जाता है। उनका जीवन और योगदान भारतीय विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उनकी दृष्टि और नेतृत्व ने भारत को परमाणु विज्ञान में आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया।
शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्रा
भाभा ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ग्रहण की और वहीं से उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई भी की। 1948 में भारत लौटने पर, उन्होंने भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की नींव रखी और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की स्थापना की। उनके काम ने भारत को न केवल परमाणु शक्ति के क्षेत्र में स्थापित किया, बल्कि अनुसंधान और विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
ऐतिहासिक योगदान
भाभा की कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के कारण भारत ने 1974 में पहला परमाणु परीक्षण किया। यह परीक्षा भारतीय विज्ञान के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। भाभा का सपना था कि भारत न केवल परमाणु शक्ति बने, बल्कि इसका उपयोग शांति और विकास के लिए किया जाए। वे हमेशा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास के समर्थक रहे।
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